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लेकिन अब हकीकत में मुमकिन नही... सुबह वाली चाय तोह मैं बन ही जाऊँगा शाम दुआ लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना यादोमें तोह हम हमेशा ही साथ रहेंगे शाम से गुपचुप बातें इस ख्वाबो वाली सपनों से... हमेशा जरा बचके ही रहना पगली मुस्कान खूबसूरत शाम सुगंध इन दिखावे वालें अपनों से... सूरज अख़बार बर्फ वक्त मधुर सवेरा पहाड़ स्त्री विमर्श सुबह

Hindi सुबह शाम Audios

द्वारा लिखित संदीप शर्मा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश

द्वारा वाचन RAMAN SHARMA